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Dalchini ki kheti: दालचीनी की खेती कैसे करें? यहां जानें, इस औषधीय पौधे की खेती

Dalchini ki kheti: भारत मशालों की खेती के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हमारे देश में दालचीनी की खेती (Cinnamon Cultivation) केरल और तमिलनाडु में की खूब होती है। दालचीनी (Cinnamon) एक सदाबहार फसल है। जिसका प्रयोग मसाले और औषधि के रूप में होता है। इसकी फसल वृक्ष की शुष्क छाल के रूप में प्राप्त होती है। इसकी पत्तियों का उपयोग तेजपत्ता (Bay leaf) की तरह भी किया जाता है। 

 

दालचीनी (Cinnamon) भूरे रंग की सुगंध से भरपूर मुलायम, और चिकनी होती है, जो भोजन में एक स्वाद जोड़ने के साथ विकार, दांत, सिरदर्द, चर्म रोग, भूख न लगने और मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में राहत देने का काम करती है। इतने गुणों के कारण प्रत्येक मौसम में दालचीनी की मांग बनी हुई होती है। जिसके कारण दालचीनी की खेती (dalchini ki kheti) किसानों के लिए अधिक लाभ देने वाली फसल मानी गई है।

 

तो आइए, द रुरल इंडिया के इस लेख में दालचीनी की खेती (Cinnamon Cultivation) से जुड़ी जानकारियां विस्तार से जानें। 

 

दालचीनी की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और मिट्टी

दालचीनी उष्णकटिबंधीय जलवायु की फसल है। दालचीनी की खेती गर्म और आर्द्र जलवायु पौधे के विकास के लिए बेहतर होती है। इसके पौधों को 200 से 250 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा की जरूरत होती है।

दालचीनी की खेती के लिए रेतीली दोमट और बलुई दोमट मिट्टी उचित होती है। इसकी खेती के लिए जल निकासी युक्त भूमि का ही उपयोग करें। 


दालचीनी की खेती के लिए उचित समय

दालचीनी के पौधों की रोपाई जून-जुलाई में की जाती है। 


दालचीनी के लिए खेत की तैयारी

  • भूमि को अच्छे से साफ करके 50 सेंटीमीटर लंबाई और चौड़ाई के गड्ढे तैयार करें।

  • गड्ढों के बीच की दूरी 3 मीटर रखें।

  • पौधों को जून-जुलाई में लगाएं।

  • अगस्त-सितंबर में पौधों की गुड़ाई करें।


उर्वरक प्रबंधन

  • गड्ढों को भरते समय प्रत्येक गड्ढे में 20 किलोग्राम गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं।

  • पहले साल में प्रति पेड़ 40 ग्राम यूरिया, 115 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट और 45 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश डालें।

  • गर्मी के मौसम में 25 किलोग्राम हरी पत्तियों से झपनी तथा 25 किलोग्राम एफवाईएम खाद डालें।

  • हर साल उर्वरक की मात्रा को इसी क्रम में बढ़ाते रहें।

  • उर्वरक मई-जून और सितंबर से अक्टूबर के महीने में डालें।


दालचीनी की किस्में (Varieties of Dalchini)

  • नवश्री (navshri)

  • नित्यश्री(nityashri)

  • सिनामोमम वर्म (Cinnamomum Verum) 

  • सिनामोमम कैसिया (Cinnamomum Cassia) 

  • सिनामोमम लौरेरी (Cinnamomum loureirii)

 

ये तो थी, दालचीनी की खेती (dalchini ki kheti) की जानकारी। यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया और ग्रामीण विकास की जानकारी चाहते हैं तो इस वेबसाइट की अन्य लेख जरूर पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ने के लिए शेयर करें।


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गिफ्ट की दुकान कैसे खोलें? यहां जानें | How to Start a Gift Shop Business in Hindi

Gift Shop Business In Hindi: पहले तो गिफ्ट देने का चलन विदेशों में चलता था। लेकिन कुछ सालों से किसी मांगलिक कार्यक्रम जैसे बर्थडे, विवाह के सालगिरह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों पर गिफ्ट देने का चलन हमारे विदेश में ट्रेंड करने लगा है। अब साल भर कुछ ना कुछ ऐसे कार्यक्रम होते ही रहते हैं। जिसमें गिफ्ट की आवश्यकता लोगों को होती रहती है। यह एक ऐसा बिजनेस है जो कभी भी बंद नहीं हो सकता है। आप गिफ्ट शॉप बिजनेस छोटे स्तर पर करें या बड़े स्तर पर आपको मुनाफा अच्छा ही होगा। 


यदि आप भी कुछ नया बिजनेस करना चाहते हैं तो आप गिफ्ट की दुकान खोल सकते हैं। गिफ्ट शॉप बिजनेस (Gift Shop Business) को करने के लिए आपको किसी विशेष डिग्री या पढ़ाई गई जरूरत नहीं होती है। इसमें आपको कुछ पूंजी लगानी होती है और अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं।


तो आइए, द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में जानें- गिफ्ट का बिजनेस कैसे शुरू करें? (Gift Shop Business Plan In Hindi)


आज के इस ब्लॉग में जानेंगे

  • गिफ्ट शॉप कॉर्नर क्या है

  • गिफ्ट शॉप बिजनेस में स्कोप

  • गिफ्ट कॉर्नर के लिए जगह का चुनाव

  • गिफ्ट शॉप कॉर्नर के लिए लाइसेंस और पंजीकरण

  • इंटीरियर कैसा रखें

  • हेल्पर रखे या नहीं

  • मार्केटिंग कैसे करें

  • गिफ्ट शॉप बिजनेस में लागत

  • गिफ्ट शॉप बिजनेस में मुनाफा


गिफ्ट शॉप कॉर्नर क्या है (Gift Shop Business)

जैसा कि हम सब क्लॉथ स्टोर कहने से कपड़े की दुकान समझते हैं। ठीक वैसे ही गिफ्ट शॉप कॉर्नर का मतलब  यह एक ऐसी जगह होती है। जहां पर बहुत तरह तरह के गिफ्ट के लिए चीजें मिलती हैं। चाहे वह बर्थडे पर दी जाने वाली हो या शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम पर। आप अपने पसंदीदा गिफ्ट अपने बजट के अनुसार खरीद सकते हैं।


गिफ्ट शॉप बिजनेस में स्कोप

अगर आप गिफ्ट शॉप का बिजनेस (Gift Shop Business) छोटे स्तर पर करना चाहते हैं तो आप किसी होलसेल विक्रेता से अपने बजट के अनुसार सामान लाकर बेच सकते हैं। ध्यान रहे कि आप जिस जगह पर दुकान खोल रहे हैं। वहां पर रहने वाले लोगों के बजट के अनुसार सामान रखे। क्योंकि किसी भी बिजनेस में पहला कस्टमर वहां के आसपास के लोग ही होते हैं। इस बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। तो ही आपको मुनाफा होगा।


गिफ्ट कार्नर के लिए जगह का चुनाव

आपको बता दे कि यह बिजनेस घर या गली में चलने वाला बिजनेस नहीं है। हां अगर आप गांव में कर रहे हैं तो आपके आसपास के लोग आप से सामान ले सकते हैं। लेकिन अगर शहर में आप करना चाहते हैं तो आपको जगह कहीं मार्केट के आसपास सड़क पर ही देखनी होगी। कहीं सड़क पर अच्छी जगह देख कर ही गिफ्ट शॉप खोलनी चाहिए। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों का आना जाना हो तो लोग आपके गिफ्ट कॉर्नर के बारे में जान सके।


अपने गिफ्ट शॉप का नाम चुन लें

गिफ्ट शॉप एक ऐसा बिजनेस है। जिसे लोग आपके दुकान के नाम से और आपके सामान से ही जानते हैं। अगर आप अच्छा और किफायती दाम में सामान देते हैं तो बार-बार लोग आपके पास ही आएंगे। इसलिए आपको बिजनेस शुरू करने से पहले अपने गिफ्ट शॉप का एक अच्छा सा नाम सोच लेना चाहिए। आप चाहे तो अपने गिफ्ट शॉप नाम अपने किसी परिवार के सदस्य के नाम पर भी रख सकते हैं।


गिफ्ट कॉर्नर के लिए लाइसेंस और पंजीकरण

यदि आप छोटे स्तर पर गिफ्ट कॉर्नर (Gift Shop Business) खोल रहे हैं। जैसे बहुत महंगी महंगी चीजें और बहुत ज्यादा बड़ी दुकान नहीं खोलते हैं। तो आपको किसी भी तरह के पंजीकरण और लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन अगर आप बड़े पैमाने पर यह बिजनेस कर रहे हैं तो आपको शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा अपने मुनाफे को देखते हुए आप जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करवा सकते हैं। और अपना बिजनेस आराम से चला सकते हैं।


इंटीरियर कैसा रखें

खास तौर पर गिफ्ट शॉप का इंटीरियर थोड़ा अलग होना चाहिए।आपको दीवारें कांच की रखनी चाहिए या फिर पूरी दीवार अगर कांच की नहीं रख सकते हैं तो जहां सामान रखें। उतनी दूर कांच की ही दीवार रखें। ताकि लोग को बाहर से भी आपके दुकान में रखी हुई चीजें दिखे। तो लोग यह देखकर अंदाजा लगा लेंगे कि आपने शोकेस में कैसी चीजें रखी है। इससे आपके ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।


गिफ्ट शॉप में हेल्पर पर रखें या नहीं

अगर आप यह बिजनेस छोटे स्तर पर कर रहे हैं। और आप खुद ही अकेले काम संभालने में सक्षम है तो आपको हेल्पर रखने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप अपने घर के सदस्यों की मदद भी ले सकते हैं। लेकिन अगर आप यह बिजनेस बड़े स्तर कर रहे हैं तो आपको दो से 3 लोग काम के लिए रखना चाहिए। ताकि ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा अच्छी सर्विस मिल पाए।


गिफ्ट शॉप की मार्केटिंग कैसे करें 

वैसे तो हर वर्ग के लोगों को गिफ्ट खरीदना ही पड़ता है। लेकिन ज्यादातर कॉलेज के छात्र या स्कूल के छात्र गिफ्ट खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं। वह लोग अपने बीच ही कई तरह तरह के सेलिब्रेशन करते हैं और गिफ्ट देते हैं। कई बार कंपटीशन में भी गिफ्ट की जरूरत पड़ती है। तो आप स्कूल या कॉलेज के छात्रों या फिर किसी कंपनी से भी गिफ्ट के लिए मार्केटिंग कर सकते हैं।


गिफ्ट शॉप बिजनेस में लागत

गिफ्ट शॉप खोलने के लिए लागत लगाना आपके ऊपर निर्भर करता है। कि आप कैसे जगह पर अपनी दुकान खोल रहे हैं। और किस तरह के समान आप रखना चाहते हैं। अगर छोटे स्तर पर यह बिजनेस करना चाहते हैं तो आपको लगभग 1 से 2 लाख तक खर्च करना होगा। लेकिन अगर आप बड़े स्तर पर यह बिजनेस कर रहे हैं तो आपको कम से कम तीन से चार लाख तक की गिफ्ट और इंटीरियर में भी पैसे खर्च करने पड़ेंगे।


गिफ्ट शॉप बिजनेस में मुनाफा

गिफ्ट के बिजनेस (Gift Shop Business) को एक सदाबहार बिजनेस पर कहा जा सकता है। क्योंकि गिफ्ट का बिजनेस कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं हो सकता। हमेशा कुछ ना कुछ मांगलिक कार्यक्रम लोगों के रिश्तेदारी या घर में होता रहता है। तो आपको इस बिजनेस में बिल्कुल भी टेंशन फ्री होकर रहना चाहिए। अगर आप अच्छे सामान जो मार्केट में ट्रेंड कर रहे हो या जो लोगों को ज्यादा पसंद आ सके। वैसे ही चीजें रखते हैं तो आप महीने में लाखों का मुनाफा भी कमा सकते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है।


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flower business plan in hindi: फूलों का बिजनेस शुरू करके कैसे करें लाखों की कमाई? यहां जानें

flower business in hindi: फूलों का बिजनेस एक सदाबहार बिजनेस है। यह बिजनेस साल भर चलता है क्योंकि हमारे देश में सालभर कुछ ना कुछ उत्सव, त्योहार, मांगलिक कार्यक्रम होता ही रहता है। जैसे- शादी-विवाह, जन्मदिन, सालगिरह आदि। अगर आप भी खाली बैठे हैं और किसी काम की तलाश कर रहे हैं। तो आप भी फूलों का बिजनेस (flower business) शुरू कर सकते है। 


तो आइए, द रुरल इंडिया के इस ब्लॉग में जानें- फूलों की दूकान का व्यापार कैसे करें (how to start a flower business plan in hindi)


फूलों के बिजनेस में स्कोप (Scope in the business of flowers)

वैसे तो फूल का बिजनेस (flower business) सदाबहार बिजनेस है लेकिन कभी-कभी फूलों की खास डिमांड भी हो जाती है। 

जैसे- शादी के सीजन में दूल्हे की गाड़ी सजाना, डोली सजाना, मंडप सजाना, स्टेज सजाना आदि।


इसके अलावा दिवाली, गणेश चतुर्थी, ईद आदि त्योहारों में भी घर के साथ मंदिर को भी सजाया जाता है। उस समय फूलों की मांग बाजारों में बढ़ जाती है। इसके अलावा दुकानों के उद्घाटन, वैलेंटाइन डे, रोज डे आदि खास दिनों पर भी बाजारों में फलों की मांग बढ़ जाती है और फूल महंगे बिकने लगते हैं। तो अगर आप भी फूलों का बिजनेस करते हैं तो आपको मुनाफा अच्छा मिल सकता है।


फूलों का बिजनेस कैसे करें (how to start a flower business)

फूलों का बिजनेस (flower business plan) शुरू करना आसान है। आपको फूले हर जगह उपलब्ध होता है फिर भी लोग इस बिजनेस को शुरू करने से डरते हैं क्योंकि फूल कुछ ही देर तक ताजा रहते हैं। उसके बाद मुरझा जाते हैं। जिससे बिजनेस में नुकसान का डर लोगों को बना रहता है। लेकिन इसके लिए आप को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। 


फूलों की खरीदारी का सही इंतजाम

अगर आप फूल के बिजनेस (flower business plan) शुरू करना चाहते हैं। तो आपको सबसे पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि फूल ताजे हो। अगर आपके पास फूल को स्टोर करके रखने की सुविधा नहीं है तो आप उतने ही फूल खरीदें जितना बिक जाए। क्योंकि ज्यादा फूल खरीद लेंगे तो खराब होने की संभावना रहेगी। यहां पर फूलों की खरीदारी का पुख्ता इंतजाम कहने का मतलब यह है कि आप फूलों की खरीदने के लिए किसी ऐसे जरिए का इस्तेमाल करें। जिससे आपका हर आर्डर, हर काम समय पर पूरा हो जाए। ताकि लोग आपके सर्विस लेने के लिए आपको आगे भी संपर्क करें।


फूल कहां से खरीदें

फुल सप्लायर

आप किसी ऐसे फुल सप्लायर या किसान से संपर्क कर सकते हैं। जो आपके दुकान या घर  से ज्यादा दूर ना हो। और आपको सही समय पर ताजे और खिले हुए फूल पहुंचा सके। इसके लिए किसानों का चुनाव करना ही ज्यादा बेहतर होगा। क्योंकि किसान आप को बाजार से कुछ कम दाम में फूल दे सकते हैं।


माली

फूल का सबसे बेहतर रक्षक माली को माना जाता है। तो अगर आप एक माली से संपर्क कर लेते हैं। तो वह आपको सही समय पर ताजे और सुंदर फूल पहुंचा सकते हैं।


फूल मंडी

अगर आपके घर या दुकान के आसपास कोई फूल मंडी है। तो आप वहां से भी अपनी जरूरत के अनुसार ताजे और अच्छे फूल खरीदकर अपने ग्राहकों को खुद सेवा दे सकते हैं।


फूल के बिजनेस के लिए जगह का चुनाव

फूल के बिजनेस (flower business) के लिए भी जगह का चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है। अगर आप यह बिजनेस घर से करते हैं तो आप थोड़े में ही सिमट कर रह जाएंगे। क्योंकि आपके घर को ज्यादा से ज्यादा आपके सगे संबंधी और आपके आसपास के लोग ही जानेंगे। लेकिन और दूरदराज के लोग आपके घर के बारे में जल्दी नहीं जान पाएंगे। 


अगर आपका घर सड़क पर है जहां पर लोगों का बराबर आना जाना रहता है। तो आप वहां पर यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। लेकिन अगर आपका घर कहीं गली में है तो आपको इसके लिए सड़क पर थोड़ी सी जगह किराए पर लेनी होगी। उसके बाद ही बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आप खास तौर पर उन्ही जगह का चुनाव करें जहां आस-पास मंदिर, पारिवारिक और धार्मिक अनुष्ठान हों। 


फूलों के बिजनेस में कर्मचारियों का चुनाव

अगर आप खुदरा फूल बेचना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा लोगों को रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह काम आप अपने घर के सदस्यों की मदद से भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप तरह तरह के बुके और फ्लावर पैकेजिंग के समान रखना चाहते हैं। तो इसके लिए आप यूट्यूब के तमाम चैनलों से प्रशिक्षण ले सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे तो बुके बनाने वाले कर्मचारियों को भी रख सकते हैं। आप काम पर उन्हीं लोगों को रखें। जिन्हें इस काम में अनुभव हो।


इंटीरियर कैसा रखें

अगर आप गांव में छोटे स्तर पर यह बिजनेस कर है तो आपको स्पेशल इंटीरियर में रखने के लिए पैसा खर्च करने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप या बिजनेस बड़े पैमाने पर करना चाहते हैं और इसी बिजनेस में खुद को मशहूर करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपनी दुकान के सामने अच्छे से पोस्टर लगवाएं। इसके लिए आप किसी इंटीरियर डिजाइनर डेकोरेटर का मदद ले सकते हैं। यह काम लोगों को आकर्षित करने में मददगार साबित होगा।


विज्ञापन कैसे करें

इस बिजनेस के लिए आपको विज्ञापन करने की थोड़ी आवश्यकता पड़ सकती है। जैसे- आपको विजिटिंग कार्ड डिजाइन करवा लेना चाहिए। जहां पर एक बार जाए वहां पर कुछ लोगों को अपने विजिटिंग कार्ड देकर आए। ताकि लोगों अगली बार भी आपको संपर्क कर सकें। इसके अलावा आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करके अपने बिजनेस की जानकारी दे सकते हैं।


फूल के बिजनेस में लागत

फूल का बिजनेस (flower business plan) आप चाहे तो छोटे स्तर पर 5 से 10 हजार लगाकर भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य सामान सजावट के लिए रखना चाहते हैं रख सकते हैं। अगर आप खुद का यह बिजनेस बड़ा करना चाहते हैं तो आप फूलों के साथ सजावट के सामान भी रख सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी जरूरत के मुताबिक लागत लगानी पड़ेगी। कम से कम इस काम को बड़े पैमाने पर करने के लिए दो से तीन लाख रुपए की लागत लगाना पड़ सकता है।


फूल के बिजनेस में मुनाफा

जैसा कि हमने बताया फूलों का बिजनेस एक सदाबहार बिजनेस है। जिसकी मांग बाजारों में पूरी तरह से कभी खत्म नहीं हो सकती है। तो इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं कि फूल के बिजनेस में आपको कभी भी घाटा नहीं हो सकता है। 


अगर आप छोटे स्तर पर भी निवेश कर रहे हैं तो आपको लगभग हर महीने 15 हजार से  30 हजार रुपए का मुनाफा हो सकता है। लेकिन यह बिजनेस अगर आप बड़े पैमाने पर किए हैं तो आपको 50 हजार तक का मुनाफा हो सकता है। अगर आपके फूल और सजावट अच्छे रहेंगे तो लोग बार-बार आप से ही संपर्क करेंगे। जिससे आपको ज्यादा मुनाफा होगा।


ये तो थी, फूलों की दूकान का व्यापार कैसे करें (how to start a flower business plan in hindi) की जानकारी। यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया और ग्रामीण विकास की जानकारी चाहते हैं तो अन्य लेख जरूर पढ़ें। दूसरों को भी पढ़ने के लिए शेयर करें।


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पेंट का बिजनेस कैसे करें? | Paint Shop Business Plan in Hindi

Paint Ka Business Kaise Kare: हर कोई अपने घर को सुंदर बनाने की इच्छा रखता है, चाहे वह घर छोटा हो या बड़ा। इसके लिए लोग तरह-तरह की पेंटिंग कराते हैं जिससे घर का लुक कुछ बदल जाए। भले ही वर्षभर कोई पेंटिंग कराएं या ना करें लेकिन गृह प्रवेश और त्योहारों के अवसर पर जरूर अपने घर की सफाई और पेंटिंग जरूर कराते हैं। 


ऐसे में पेंट और चूने की दुकान (Paint Shop Business) सबसे ज्यादा चलने व्यवसाय है। अगर आप भी पेंट का बिजनेस (पेंट की दुकान) करते हैं तो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। 


तो आइए, The Rural India के इस ब्लॉग में जानें- पेंट का बिजनेस कैसे करें? (Paint Shop Business Plan in Hindi)


पेंट का बिजनेस कैसे शुरू करें (how to start paint shop business)

पेंट का दुकान शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले दुकान खोलने के लिए जगह का चुनाव कर लेना चाहिए उसके बाद आप यह सोच लीजिए कि आपका बजट कितना है और अपने दुकान में कौन-कौन सी चीजें रखना चाहते हैं यह भी सोच लेना चाहिए उसके बाद ही किसी भी बिजनेस में आगे बढ़ाना चाहिए


पेंट की दुकान के लिए जगह का चुनाव

पेंट की दुकान खोलने के लिए आपको सबसे पहले कहीं सड़क चौराहे या भीड़भाड़ के मार्केट में जगह की तलाश करनी चाहिए क्योंकि पेंट और सामान गलियां मोहल्ले में नहीं बिकते हैं लोग उसके लिए ज्यादातर सड़क पर या किसी मार्केट में ही जाते हैं इसलिए ऐसी जगह पर पेंट की दुकान खोले जहां पर ज्यादातर लोगों का आना जाना हो


दुकान का नाम 

अपनी दुकान अगर आप कहीं मार्केट में अच्छा रहा है पर खोल रहा है तो उसके लिए दुकान का नाम रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि लोग आपका आपके दुकान के नाम से ही जानते हैं आप चाहें तो अपने पेंट की दुकान का नाम अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम से भी रख सकते हैं।


पेंट के बिजनेस के लिए जरूरी सामान

  • पेंट

  • ब्रश 

  • रोलर 

  • पेंट बनाने की मशीन

  • चूना 

  • वार्निश

  • अन्य सामान


पेंट के बिजनेस के लिए पंजीकरण व लाइसेंस

अगर आप पेंट का बिजनेस छोटे स्तर पर कर रहे हैं, तो आपको किसी तरह के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन आप बड़े पैमाने पर यह बिजनेस कर रहे हैं तो आपको स्वामित्व उद्योग के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करवाने चाहिए। इसके अलावा आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा जिसकी रजिस्ट्रेशन के लिए आप अपने नजदीकी जीएसटी सेवा केंद्र की मदद से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं


पेंट के दुकान में काम करने के लिए वर्कर

अगर आपको लगे कि आप सारे काम खुद ही संभाल सकते हैं तो आपको इसके लिए वर्कर रखने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन आप बड़े पैमाने पर पेंट का बिजनेस कर रहे हैं और आपके घर में आपकी मदद के लिए लोग नहीं है तो आप को कम से कम एक या दो लोग रखने होंगे। खास तौर पर उन्हीं लोगों को काम पर रखें जिन्हें काम की जरूरत हो और वह लोग ईमानदार हों।


पेंट के बिजनेस में लागत (cost in paint business)

पेंट के बिजनेस में लागत लगाना आपके ऊपर निर्भर करता है। अगर आप छोटे पैमाने पर यह बिजनेस कर रहे हैं तो आपको बहुत ज्यादा लगा लगाने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन अगर आप ही निवेश बड़े पैमाने पर करना चाहते हैं तो आपको लगभग दो से पांच लाख रुपए की लागत लगानी पड़ेगी और सारे जरूरी सामान अपने दुकान में लाकर भरने होंगे। 


पेंट के बिजनेस में होने वाला मुनाफा (profit in paint business)

पेंट का इस्तेमाल लगभग हर घरों में किया जाता है चाहे वह छोटा घर हो या बड़ा तो अगर आप भी पेंट का बिजनेस करते हैं और दुकान सही लोकेशन चलकर खोलते हैं तो आप भी अच्छा खासा मुनाफा इस बिजनेस में कमा सकते हैं।


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पेंट के बिजनेस संबंधित वीडियो यहां देखें। 👇


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कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग का बिजनेस कैसे शुरू करें | computer and laptop repairing business in hindi

Computer Repairing Business in Hindi: आज के इस डिजिटल दुनिया में कंप्यूटर(computer) हमारी जिंदगी का बहुत ही अहम हिस्सा बन चुका है। बिना कंप्यूटर और इंटरनेट के कोई भी काम कर पाना संभव नहीं है। लेकिन कुछ समय बाद कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक चीजों में खराबी आना भी आम बात है। अगर आपको कंप्यूटर ठीक (Repairing) करने का काम आता है तो आप कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग करने का बिजनेस(Computer Repairing Business) शुरू कर सकते हैं। 


आजकल कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग करने का बिजनेस बहुत ही ट्रेंडिंग है। ऐसे में आपको बहुत फायदा हो सकता है। इसके लिए आपको हर गली, हर मोहल्ले में कंप्यूटर या लैपटॉप बनवाने के ग्राहक मिल जाएंगे। 


तो आइए, द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में जानें- कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग का बिजनेस कैसे शुरू करें (computer and laptop repairing business in hindi)


आप इस ब्लॉग में जानेंगे

  • कंप्यूटर या लैपटॉप रिपेयरिंग का बिजनेस कैसे शुरू करें

  • कंप्यूटर रिपेयरिंग के लिए जगह का चुनाव

  • अपने कंप्यूटर रिपेयरिंग सेंटर का नाम रखें

  • कंप्यूटर, लैपटॉप रिपेयरिंग के लिए पार्ट्स कहां से खरीदें

  • कंप्यूटर रिपेयरिंग के लिए व्यक्तियों का चयन(मैकेनिक)

  • कंप्यूटर रिपेयरिंग सेंटर के लिए लाइसेंस और पंजीकरण

  • कंप्यूटर रिपेयरिंग बिजनेस में लागत

  • कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग के बिजनेस से होने वाला मुनाफा


कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग बिजनेस कैसे शुरू करें

अगर आप कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर रिपेयरिंग की जानकारी होनी चाहिए। अगर पहले से आपके पास इसकी जानकारी है तो यह बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर आपको इसका ज्ञान नहीं है तो आप किसी प्रशिक्षण केंद्र या कंप्यूटर रिपेयरिंग सेंटर पर जाकर प्रशिक्षण ले लें। उसके बाद आप कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग बिजनेस (computer and laptop repairing business) शुरू कर सकते हैं। आप चाहे तो किसी एक चीज बनाने में विशेषज्ञ बन सकते हैं। या फिर कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों ही बना सकते हैं। कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले आपको योजना बना लेनी चाहिए। इसलिए यह बिजनेस शुरू करने से पहले कैसे क्या करना है इसकी पूरी योजना बना ले उसके बाद ही आगे बढ़े।


कंप्यूटर रिपेयरिंग के लिए जगह का चुनाव

किसी भी बिजनेस में लोकेशन का बहुत बड़ा हाथ होता है। इसलिए आपको कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग बिजनेस (computer and laptop repairing business) करने के लिए भी अच्छे लोकेशन का चुनाव करना चाहिए। आप चाहे तो कंप्यूटर रिपेयरिंग शुरू करने के लिए अपने घर के आस-पास जगह का चुनाव कर सकते हैं। ध्यान रहे इस व्यवसाय की शुरुआत सड़क पर या किसी मार्केट में ही करें जहां लोग आपके पास आसानी से पहुंच सके।


लैपटॉप रिपेयरिंग सेंटर का नाम

अगर आप अपने घर के आस-पास है घर में यह काम कर रहा है तो आपको अपने रिपेयरिंग सेंटर के नाम रखने की जरूरत नहीं है। लोग आपके नाम से ही समझ जाएंगे। लेकिन अगर आप कहीं मार्केट में अपने रिपेयरिंग सेंटर खोल रहे हैं तो आपको उसके लिए नाम रखना जरूरी है। जिससे आपके शॉप के बारे में लोग आसानी से जान सके। आप चाहे तो अपने नाम से या अपने किसी पसंदीदा नाम से अपना कंप्यूटर रिपेयरिंग सेंटर खोल सकते हैं।


कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग के लिए पार्ट्स कहां से खरीदें

अगर आप कंप्यूटर रिपेयरिंग बिजनेस में नए है तो आपके पास सभी पार्ट्स मौजूद नहीं होंगे। तो इसके लिए आप किसी होलसेलर या पुराने रिपेयरिंग करने वाली से मदद ले सकते हैं। और जब शुरुआती दौर में कंप्यूटर पार्ट्स खरीदने जाएं तो किसी पुराने रिपेयरिंग करने वाले को साथ ले जाना बेहतर रहेगा। जरूरी पार्ट्स आप किसी होलसेलर से ले सकते हैं। या फिर किसी सप्लायर को भी रख सकते हैं। सरप्लस तभी रखें जब आपका बिजनेस बड़े पैमाने पर हो।


कंप्यूटर-लैपटॉप रिपेयरिंग के लिए व्यक्तियों का चयन(मैकनिक)

अगर आप छोटे स्तर पर या काम कर रहे हैं। और आपको लगता है कि आप अपने काम अकेले संभाल सकते हैं। तो आपको हमने किसी व्यक्ति को रखने की जरूरत नहीं है। लेकिन आप यह काम कहीं शहरी क्षेत्र में मार्केट में कर रहे हैं तो इसके लिए आपको एक या दो लोगों को रखने की जरूरत पड़ेगी। यह आपके ग्राहकों के ऊपर है कि आपके पास कितने ग्राहक आते हैं। आप अपने हिसाब से व्यक्तियों का चयन कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे हैं ऐसे ही लोगों को काम पर रखें जिन लोगों को कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेरिंग के काम में पहले से अनुभव हो।


कंप्यूटर रिपेयरिंग बिजनेस के लिए लाइसेंस और पंजीकरण

अगर आप यह बिजनेस छोटे स्तर पर कर रहे हैं तो आपको रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं है। अगर आप क्या बिजनेस बड़े स्तर पर कहीं मार्केट में दुकान खोलकर रहे हैं तो आपको रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लेना चाहिए। 


लैपटॉप कंप्यूटर रिपेयरिंग बिजनेस में लागत

कंप्यूटर और लैपटॉप रिपेयरिंग बिजनेस (Computer Repairing Business) में आपको शुरुआती दौर में 1 से 2 लाख तक की लागत लगानी पड़ेगी। क्योंकि आपको कंप्यूटर रिपेयरिंग में इस्तेमाल होने वाली चीजों को रखना पड़ेगा। इसके अलावा अगर आप किसी व्यक्ति को रखते हैं तो उस उसकी भी तनख्वाह का इंतजाम करना पड़ेगा। आप चाहे तो अपने लैपटॉप रिपेयरिंग सेंटर का इंटीरियर भी करवा सकते हैं। अगर आपके पास बजट हो तो इंटीरियर स्पेशल करवाने की सोचें। नहीं तो आप साधारण से दुकान में भी काम कर सकते हैं।


कंप्यूटर लैपटॉप रिपेयरिंग के बिजनेस में मुनाफा

कंप्यूटर रिपेयरिंग बिजनेस में तो आपको मुनाफा शत-प्रतिशत होगा। क्योंकि कंप्यूटर और लैपटॉप एक ऐसी चीज है। जो आज के जमाने में ऑनलाइन वर्क या स्टूडेंट्स के पास शायद ही अब किसी घर में नहीं हो। अगर आप कंप्यूटर लैपटॉप की रिपेयरिंग का काम अच्छा करते हैं तो लोग आपके पास जरूर आएंगे। अगर आप इस बिजनेस को पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करते हैं। आप महीने के लाखों रुपए बचा सकते हैं। अपने बढ़ते मुनाफे को देखते हुए आप कंप्यूटर पार्ट्स होलसेलर भी बन सकते हैं और दोगुना मुनाफा कमा सकते हैं।


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