Top 10 Rice Producing States in India: ये हैं भारत के टॉप 10 धान उत्पादक राज्य, जहां होती है धान की सबसे अधिक खेती, 10 शीर्ष चावल उत्पादक राज्य,
Top 10 Rice Producing States in India: भारत के टॉप 10 कृषि राज्य, जहां पर होती है सबसे अधिक धान की खेती

Top 10 Rice Producing States in India: भारत (India) विश्व में दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है जबकि निर्यात के मामले में पहले स्थान पर है। भारत में चावल का उत्पादन वर्ष 1980 में 53.6 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2021 में 120 मिलियन टन हो गया। चावल भारत के प्रमुख अनाजों में से एक है। धान(paddy) भारत की प्रमुख फसल है। धान की खेती (dhan ki kheti) में भारत विश्व में अग्रणी देश है। 


आज के इस ब्लॉग में हम आपको भारत के 10 शीर्ष चावल उत्पादक राज्य (top 10 rice producing states in india) के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां चावल की सबसे अधिक खेती (dhan ki kheti) होती है। 


चावल और धान की खेती पर एक नज़र (A look at Paddy Cultivation)

  • चावल हमारे देश में भोजन में सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। 

  • चावल में सबसे अधिक कार्बोहाइड्रेड पाया जाता है जो शरीर को ऊर्जा देता है। 

  • चावल में ठोस और खनिजों से भरपूर होता है जो शरीर की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करता है। 

  • चावल का उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है।


भारत के शीर्ष 10 चावल उत्पादक राज्य (top 10 rice producing states in india)

भारत के प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और बिहार है। इन 10 राज्यों में कुल चावल उत्पादन का 72% हिस्सेदारी है। 


1. पश्चिम बंगाल (West Bengal)

भारत में चावल का सर्वाधिक उत्पादन पश्चिम बंगाल (West Bengal) में होता है। इसकी लगभग आधी कृषि योग्य भूमि में चावल की खेती होती है। 2020 में पश्चिम बंगाल में चावल का उत्पादन 15.57 मिलियन टन था। यह सबसे बड़ा चावल उत्पादक राज्य है, यहां प्रति हेक्टेयर 2600 किलोग्राम धान का उत्पादन होता है। यही कारण है कि यहां के किसान निचले गंगा के खेतों के छोटे टुकड़ों में चावल की खेती (dhan ki kheti) ही सबसे अधिक करते हैं। 


2. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)

भारत में धान के सबसे बड़े उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आता है। 2020 में, उत्तर प्रदेश के लिए चावल का उत्पादन 15.52 मिलियन टन था। उत्तर प्रदेश में पंथ-4, जया, महसूरी, कस्तूरी बासमती चावल और पूसा बासमती चावल जैसी किस्मों की खेती होती है। 


3. पंजाब (Punjab)

पंजाब भी भारत में चावल के प्रमुख उत्पादक राज्य है। पंजाब प्रतिवर्ष 12 मिलियन टन चावल का उत्पादन कर देश में तीसरे स्थान पर है। पंजाब में भी कई प्रसिद्ध किस्में जैसे रणबीर बासमती, माही सुगंधा, पूसा बासमती और रणबीर बासमती धान की खेती होती है। 


4.तमिलनाडु (Tamil Nadu)

तमिलनाडु के 28 जिलों में चावल का उत्पादन (dhan ki kheti) होता है। जिनमें से 27 जिले अत्यधिक उत्पादकता वाले जिले हैं। तमिलनाडु में उगाई जाने वाली विभिन्न किस्मों में अरावन कुरुवा, अम्सिपिटी धन, अदुथुराई, अंबासमुद्रम और अक्षयधान जैसे किस्में शामिल हैं।


5. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश भारत में चावल उत्पादन में 5वें स्थान पर है। 2020 में, आंध्र प्रदेश में कुल 8.64 मिलियन टन चावल का उत्पादन हुआ था। आंध्र प्रदेश में चावल का उत्पादन 2017 में 7.45 मिलियन टन से बढ़कर 2020 में 8.64 मिलियन टन हो गया, जो 5.13% की औसत वार्षिक गति से विकसित हुआ। कृष्णा पूर्व, गोदावरी और पश्चिम गोदावरी अतिरिक्त रूप से भारत के सबसे बड़े चावल उत्पादक क्षेत्र हैं। सांबा माधुरी, समेल, सशरी, सरवानी जैसी किस्में आंध्र प्रदेश में उगाई जाती है। 


6. बिहार (Bihar)

बिहार के करीब 37 जिलों में चावल उगाया जाता है। इसमें 25 जिले कम उत्पादकता वाले क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जो राज्य में चावल के तहत पूरे क्षेत्र के 36.57 लाख हेक्टेयर के 63% का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिहार में 2,500 किग्रा/हेक्टेयर से अधिक उत्पादकता है। 


7. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)

छत्तीसगढ़ को 'चावल के कटोरा' कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष 61 मिट्रिक टन चावल का उत्पादन होता है। यह देश में चावल उत्पादन के मामले में सातवें स्थान पर है। यहां मुख्य रूप से तुरिया काबरी, चूड़ी धान, लाल धन, लाल चूड़ी धान की किस्में उगाई जाती हैं। यहां धान की खेती (dhan ki kheti) के लिए अनुकूल जलवायु है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ भारत के प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों की सूची में आता है।


8. उड़ीसा (Orissa)

उड़ीसा का प्रमुख फसल धान है। समुद्री तटीय राज्य होने के कारण यहां धान की उपयुक्त जलवायु पाई जाती है। यहां लगभग 69 प्रतिशत भू-भाग पर धान की खेती (dhan ki kheti) होती है। चावल उत्पादन में ओडिशा का आठवां स्थान है। 


9. असम (Assam)

असम में चावल मुख्य फसल है। असम में कुल 4.16 मिलियन हेक्टेयर भू-भाग पर धान की खेती होती है। असम में चावल की उपज प्रति हेक्टेयर 1700 किलोग्राम से अधिक है। 


10. हरियाणा (Haryana)

हरियाणा में धान की उपयुक्त जलवायु और पानी की उपलब्धता नहीं होने के बावजूद धान उत्पादन में अग्रणी राज्य है। यहां की उत्पादक प्रति हेक्टेयर 2,500 किग्रा से अधिक है। हरियाणा भारत में अग्रणी चावल उत्पादक राज्यों की सूची में 10वें स्थान पर है।


भारत में पाई जाने वाली चावल के प्रकार (types of rice found in india)

  1. भूरे रंग के चावल

  2. बासमती चावल

  3. चमेली चावल

  4. मोगरा चावल

  5. बांस चावल

  6. जंगली चावल

  7. काला चावल

  8. लाल चावल

  9. लाल कार्गो चावल

  10. इंद्रायणी चावल

  11. सफ़ेद चावल

  12. सुशी चावल

  13. बैंगनी थाई चावल

  14. बोम्बा चावल

  15. चिपचिपा चावल या चिपचिपा चावल

  16. अरबोरिया चावल

  17. वालेंसिया राइस

  18. सोना मसूरी

  19. सांबा चावल

  20. रोजमेटा चावल

ये तो थी, भारत के टॉप 10 धान उत्पादक राज्य (Top 10 Rice Producing States in India) की जानकारी यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया और ग्रामीण विकास की जानकारी चाहते हैं तो इस वेबसाइट की अन्य लेख जरूर पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ने के लिए शेयर करें।

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