बारिश में इन पौधों को लगाकर घर और बगीचे को बनाएं सुंदर और खुशबूदार | Top 5 Rainy Season Flowers, गुलमेहंदी का पौधा, कनेर का पौधा
बारिश में इन पौधों को लगाकर घर और बगीचे को बनाएं सुंदर और खुशबूदार | Top 5 Rainy Season Flowers

Top 5 Rainy Season Flowers: देश भर में बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में लोग अपने घरों और खेतों में सुंदर-सुंदर फूल और पौधे लगाना पसंद करते हैं। लेकिन इन्हें लगाने के लिए सही तरीका और सही किस्म का पता होना बहुत जरूरी है।


तो आइए, द रूरल इंडिया के इस लेख में जानते हैं बारिश में लगने वाले 5 खूबसूरत पोधों के बारे में (Top 5 Rainy Season Flowers)....


कनेर का पौधा

कनेर का पौधा बारिश में आसानी से उगाया जा सकता है। यह सफेद, लाल, पीले, गुलाबी, बैंगनी आदि रंगों वाला में खुशबूदार पौधा होता है। इसे आप आराम से अपनी बालकनी या गार्डन में लगा सकते हैं। पौधा लगाने के लिए कनेर की कटिंग लें, जिसकी लंबाई 7 से 8 इंच हो। इसे 45-डिग्री कोण पर काटें और कम से कम आप 4-5 कटिंग लें । कटिंग के निचले हिस्से में रूटिंग हार्मोन लगा दें और फिर इसे गमले में लगा दें। 


अमलतास का पौधा 

अमलतास को गोल्डन फ्लावर या मॉनसून कैसिया भी कहा जाता है। यह आयुर्वेदिक औषधियां बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। अमलतास की खेती करने के लिए नर्सरी से इसके बीज ले लें। इसका पौधा सिल्डिंग ट्रे में लगा सकते हैं। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां कम से कम 6 से 8 घंटे धूप आती हो। इसे अपने बागों में भी लगा सकते है। 


चमेली का फूल

चमेली का पौधा काफी खूशबूदार होता है। इसके फूल साल भर खिलते हैं। पौधा लगाने के लिए चमेली के पौधे की 5 से 10 कलम काट लें। इसके बाद इसे मिट्टी में लगा दें।  पौधा लगाने से पहले गमले के नीचे छेद जरूर कर लें।


गेंदा का फूल

गेंदा का फूल एक ऐसा पौधा है जो बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा लगाई जाती है। यह फूल बिना लगाए भी उग आते हैं। आपको केवल सही जगह और पोषण देने की जरूरत पड़ेगी। पौधा लगाने के 50-60 दिनों के बाद इसका पौधा फूल देने लगता है जो कि 2-3 महीने तक फूल खिलता रहता है। 


गुलमेहंदी का पौधा

गुलमेहंदी के पौधे को बालसम फ्लावर प्लांट कहा जाता है। इसे बरसात के दिनों में ही लगाई जाती है। बालसम फ्लावर का पौधा कई रंगों में होता है जो गार्डेन, घर की शोभा बढ़ाते हैं। इसके पौधों पर 60 दिनों में फूल लगने लगते हैं। इसे ऐसे जगह पर लगाएं जहां सूरज का प्रकाश 5-6 घंटे जरूर आती हो। 


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